रेल मंत्रालय ने मांगा चार महीने का समय; ऐतिहासिक पैसेंजर ट्रेन के संचालन की जगी उम्मीद
BBC CRIME TVउत्तरप्रदेश,गाजीपुर
ब्रिटिश काल से अपनी पहचान रखने वाले ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन और ऐतिहासिक ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन को पुनः संचालित करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। रेल मंत्रालय और दानापुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए इस दिशा में सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। विभाग ने आगामी चार माह के भीतर सर्वे रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
अफीम फैक्ट्री के लिए बिछी थी पटरियाँ
गौरतलब है कि जनपद में स्थित एशिया की सबसे बड़ी अफीम फैक्ट्री को देखते हुए ब्रिटिश शासन काल में इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की शुरुआत की गई थी। यह ट्रेन दशकों तक क्षेत्रीय आवागमन और व्यापार का मुख्य जरिया रही। बीच में इस सेवा को बंद कर दिया गया था, जिसे पूर्व में भारी जन-दबाव और तत्कालीन प्रयासों के बाद पुनः बहाल किया गया, लेकिन कुछ माह बाद इसे फिर से अपरिहार्य कारणों से बंद कर दिया गया।
बढ़ती बेरोजगारी और जनसमस्या बनी मुख्य वजह
ट्रेन का परिचालन ठप होने से न केवल मुख्यालय आने-जाने वाले यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, बल्कि स्टेशन पर निर्भर सैकड़ों छोटे दुकानदार और मजदूर भी बेरोजगार हो गए थे। क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को देखते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुखवीर सिंह झाबर और वरिष्ठ पत्रकार राम प्रवेश राय के संयोजन में रेल मंत्रालय और भारत सरकार से संपर्क साधा गया।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन
रेलवे के उच्चाधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि स्टेशन को पुनः सक्रिय करने और पैसेंजर ट्रेन चलाने की प्रक्रिया पर काम शुरू हो चुका है। वर्तमान में विभाग द्वारा तकनीकी सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, "सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ट्रेन को सुचारू रूप से चलाने की योजना तैयार की जाएगी।"
ग्रामीणों में हर्ष
जैसे ही रेल विभाग द्वारा सर्वे की खबर क्षेत्र में पहुँची, ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का मानना है कि यदि यह ट्रेन सेवा पुनः बहाल होती है, तो ताड़ीघाट क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।
ब्यूरो चीफ राम प्रवेश राय

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