यात्रियों को मिलेगा ब्रांडेड स्वाद: कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर सजेंगे नामी कैटरिंग स्टॉल
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,प्रयागराज/कानपुर नगर
उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों को अब जल्द ही नामी ब्रांड्स के लजीज व्यंजन और पेय पदार्थ मिलेंगे। यात्री सुविधाओं में इजाफा करने और गैर-किराया राजस्व (नॉन-फेयर रेवेन्यू) को गति देने के लिए प्रयागराज मंडल ने ई-नीलामी के जरिए तीन प्रीमियम कैटरिंग आउटलेट्स का आवंटन किया है। पांच वर्षों के लिए किए गए इस आवंटन से रेलवे को करीब 2.92 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त होगा।
उत्तर मध्य रेलवे में अपनी तरह की इस पहली पहल के तहत कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर आईटीसी (ITC) और नेस्ले (Nestlé) जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स अपने आउटलेट खोलेंगे।
कानपुर और प्रयागराज में ऐसे हुआ आवंटन:
* कानपुर सेंट्रल: यहां प्रीमियम आउटलेट का आवंटन आईटीसी (मेसर्स आदित्य एंटरप्राइजेज, बिलासपुर) को ₹22,74,786 के वार्षिक लाइसेंस शुल्क पर मिला है। इस अनुबंध का कुल मूल्य लगभग ₹1.21 करोड़ है।
* प्रयागराज जंक्शन (प्लेटफॉर्म-1): प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर भी आईटीसी (मेसर्स आदित्य एंटरप्राइजेज, बिलासपुर) ने ₹14,14,786 के वार्षिक शुल्क पर आउटलेट हासिल किया है, जिसका कुल अनुबंध मूल्य करीब ₹75 लाख है।
* प्रयागराज जंक्शन (प्लेटफॉर्म-6): प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर नेस्ले (मेसर्स सोपान रेस्टोरेंट) को ₹18,11,000 के वार्षिक लाइसेंस शुल्क पर जिम्मेदारी मिली है। इसका कुल अनुबंध मूल्य लगभग ₹96 लाख आंका गया है।
इन तीनों आउटलेट्स के संचालन से प्रयागराज मंडल को हर साल लगभग ₹54 लाख का राजस्व मिलेगा। पूरे पांच वर्षों के अनुबंध के दौरान यह आंकड़ा करीब ₹2.92 करोड़ तक पहुंचेगा।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय स्तर के ब्रांड्स के आने से न केवल यात्रियों को उच्च गुणवत्ता और भरोसेमंद खानपान के बेहतर विकल्प मिलेंगे, बल्कि स्टेशनों पर खानपान सेवाओं के स्तर और यात्रियों के अनुभव में भी बड़ा सुधार आएगा।
सुरेश राठौर


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