उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत एक चार वर्षीय मासूम को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया है। प्लेटफार्म संख्या 01 पर लावारिस हालत में मिला यह बालक अपनों से बिछड़कर रो रहा था, जिसे आरपीएफ टीम ने सुरक्षित संरक्षण में लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार (22 फरवरी) को प्रयागराज मंडल के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर उप निरीक्षक नितिन कुमार अपनी टीम के साथ प्लेटफार्म संख्या 01 पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक रोते हुए बालक पर पड़ी। टीम ने जब बालक को पुचकार कर पूछताछ की, तो उसने अपना नाम राजू और माता का नाम पिंकी बताया। बालक इतनी कम उम्र का था कि वह अपने घर का पता बताने में असमर्थ था।
442 बच्चों के लिए जीवनरेखा बना अभियान
प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे सुरक्षा बल उन बच्चों के लिए जीवनरेखा का कार्य कर रहा है, जो किसी कारणवश अपने घर से भटक जाते हैं या मानव तस्करी का शिकार हो सकते हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक आरपीएफ की सक्रियता से कुल 442 बच्चों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
चाइल्ड लाइन को सुपुर्दगी
आरपीएफ ने घटना की जानकारी तुरंत चाइल्ड लाइन कानपुर को दी। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन के सदस्य स्टेशन पहुंचे, जहाँ सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालक को सकुशल उन्हें सौंप दिया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान बच्चों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
सुरेश राठौर

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