1972 में नारायण दत्त तिवारी ने किया था शिलान्यास; बुनियादी सुविधाओं के अभाव में 'जंगलराज' जैसे हालात
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,नगसर (गाजीपुर):
उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर अंतर्गत नगसर हॉल्ट थाना क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक 'इंदिरा गांधी आरोग्य भवन' वर्तमान में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्रामीण अंचल की स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र रहा यह भवन आज प्रशासनिक अनदेखी और रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील होने की कगार पर है।
इतिहास और सरोकार: विदित हो कि इस आरोग्य भवन का शिलान्यास वर्ष 1972 में तत्कालीन वित्त मंत्री नारायण दत्त तिवारी द्वारा किया गया था। इसके निर्माण में 'देश और समाज' समाचार पत्र के तत्कालीन संपादक स्वर्गीय चंद्रमा राय 'रसेश' एवं क्षेत्र के अन्य प्रबुद्ध जनों का विशेष योगदान रहा था, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन व असहाय मरीजों को सुचारू चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
सुविधाओं का अकाल: वर्तमान स्थिति का जायजा लेने पर पता चलता है कि आरोग्य भवन पर लगा पहचान बोर्ड तक गायब हो चुका है। हालांकि, इसी प्रांगण में एक नवीन स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है, किंतु वहां की अव्यवस्था 'जंगलराज' की कहानी बयां कर रही है। केंद्र में डॉक्टर, कर्मचारी और दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन बिजली, पानी और सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का सर्वथा अभाव है। स्थिति इतनी विकट है कि कर्मचारियों और मरीजों को पानी के लिए परिसर से बाहर भटकना पड़ता है।
अधिकारियों की चुप्पी: स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि इस बदहाली के संदर्भ में समय-समय पर उच्चाधिकारियों को लिखित रूप में अवगत कराया गया है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।
उच्च स्तरीय जांच की मांग: क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार राम प्रवेश राय ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इंदिरा गांधी आरोग्य भवन की वर्तमान स्थिति की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और नवीन भवन में व्याप्त अव्यवस्थाओं को दूर कर इसे जनहित में पुनः संचालित किया जाए।
जिला संवाददाता (गाजीपुर), राम प्रवेश राय की रिपोर्ट



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