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रस्सीबंदी का फार्मूला फेल: वसूली सिंडिकेट के संरक्षण में फिर सजीं दुकानें, जनता त्रस्त और ट्रैफिक व्यवस्था बेपटरी

अवैध अतिक्रमण और वसूली सिंडिकेट का खेल: प्रशासन के दावों की खुली पोल, घंटाघर और कानपुर सेंट्रल मुख्य गेट के बाहर फिर लगा जाम

BBC CRIME TV 

​उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर 

शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले घंटाघर चौराहे और कानपुर सेंट्रल स्टेशन के मुख्य गेट पर अवैध अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था एक बार फिर से बेपटरी हो गई है। कुछ दिन पहले डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार के कड़े निर्देशों के बाद इन इलाकों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जिससे आम जनता को कुछ राहत मिली थी। लेकिन यह राहत महज कुछ दिनों की साबित हुई और हालात दोबारा जस के तस हो गए हैं।


डीसीपी ट्रैफिक के फार्मूले की उड़ी धज्जियां, बेअसर साबित हुई रस्सीबंदी

यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कुछ समय पहले डीसीपी ट्रैफिक रविंद्र कुमार ने खुद पहल करते हुए चौराहे से 100 मीटर के दायरे में चारों तरफ रस्सी बंधवाई थी। यह नियम बनाया गया था कि कोई भी रेहड़ी, पटरी या ठेला इस निर्धारित रस्सी के दायरे से बाहर नहीं आएगा, ताकि सड़क पर जाम न लगे। लेकिन प्रशासनिक सख्ती की यह पहल कुछ ही दिनों में कागजी साबित हो गई। नियम का पालन न तो दुकानदारों द्वारा किया गया और न ही मातहतों ने इस पर सख्ती बरती, जिसका नतीजा यह है कि आज स्थिति पहले से भी ज्यादा बदतर हो चुकी है।


वसूली का खेल: सिंडिकेट के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कब्जा

सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, इस त्वरित वापसी के पीछे कोई प्रशासनिक ढिलाई नहीं, बल्कि एक संगठित वसूली सिंडिकेट सक्रिय है। आरोप है कि पर्दे के पीछे छिपे इस सिंडिकेट के रसूखदार लोग इन ठेले, रेहड़ी और फड़ चालकों से रोजाना 'ड्यूटी शुल्क' (अवैध वसूली) वसूलते हैं। यही वजह है कि कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद दुकानें फिर से सज जाती हैं और प्रशासन के तमाम दावे कागजी साबित हो रहे हैं।


ऑटो और ई-रिक्शों की अराजकता से नासूर बनी जाम की समस्या

​घंटाघर चौराहे पर अवैध दुकानों के साथ-साथ ऑटो, टेंपो और ई-रिक्शों की बेकाबू अराजकता ने स्थिति को और बदतर बना दिया है। चालकों द्वारा इन व्यावसायिक वाहनों को सड़क के बीचों-बीच आड़े-तिरछा खड़ा कर दिया जाता है, जिससे गुजरने के लिए जरा सी जगह भी नहीं बचती। सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाने के कारण यहां हर समय भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है।


आम जनता और यात्रियों की बढ़ रही मुश्किलें

इस अव्यवस्था के कारण कानपुर सेंट्रल स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों का मुख्य गेट से निकलना तक दूभर हो गया है। दिनभर लगने वाले जाम और बेतरतीब वाहनों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

​जनता की मांग: सिंडिकेट पर हो कड़ी कार्रवाई

शहरवासियों और यात्रियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस अवैध वसूली सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाए। साथ ही, मनमाने ढंग से वाहन खड़े करने वाले चालकों और पर्दे के पीछे संरक्षण देने वाले रसूखदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्थायी रूप से सुचारू बनाया जा सके।

सुरेश राठौर 


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