असम से दिल्ली ले जाया जा रहा था 4 वर्षीय बालक, कानपुर में आरपीएफ ने घेराबंदी कर धर दबोचा
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत मुस्तैदी दिखाते हुए असम से अगवा कर तस्करी के इरादे से दिल्ली ले जाए जा रहे 4 वर्षीय मासूम बालक को सकुशल बचा लिया है। आरपीएफ ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन रोककर आरोपी महिला को हिरासत में लेकर असम पुलिस के हवाले कर दिया।
17 अगस्त को मंडलीय सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, प्रयागराज से सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 12505 (पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस) में एक महिला असम से एक बच्चे का अपहरण कर दिल्ली ले जा रही है। सूचना मिलते ही आरपीएफ प्रभारी कानपुर सेंट्रल ने उप निरीक्षक हिमांशु शर्मा और टीम के साथ प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर ट्रेन के पहुंचते ही सघन चेकिंग अभियान चलाया।
कोच एस-6 में तलाशी के दौरान एक संदिग्ध महिला दो बच्चों के साथ मिली। उपलब्ध फोटो से मिलान करने पर अपहृत बालक अमन (काल्पनिक नाम) 4 वर्ष की पहचान हो गई। महिला बच्चे को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी, जिसके बाद आरपीएफ उसे पोस्ट ले आई।
पूछताछ में महिला ने अपना नाम अर्निका गोनक (24 वर्ष), निवासी गोलाघाट (असम) बताया। उसने साथ में मौजूद बच्ची को अपनी बेटी बताया, जबकि बालक को नए कपड़े दिलाने के बहाने असम से बहला-फुसलाकर अगवा करने की बात स्वीकार की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जोरहाट (असम) पुलिस को सूचित किया गया, जहां महिला के खिलाफ धारा 137(2) और 139(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज हुआ था। 20 अगस्त को जोरहाट थाने के उप निरीक्षक जियाउल इस्लाम पुलिस बल के साथ कानपुर पहुंचे। आरपीएफ उप निरीक्षक एस.के. कटियार ने गवाहों की मौजूदगी में महिला और बच्चों को असम पुलिस को सौंप दिया। असम पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर सभी को अपने साथ ले गई है। आरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई से अंतरराज्यीय मानव तस्करी का एक बड़ा प्रयास नाकाम हो गया।
सुरेश राठौर

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