अतिक्रमण पर नगर निगम की चुप्पी: खबर चलने के बाद भी धरातल पर शून्य कार्रवाई, जोनल अफसर नहीं दे रहे कोई जवाब
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
सागर मार्केट और नयागंज मेट्रो स्टेशन के आसपास फैले भीषण अतिक्रमण और अव्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर किए जाने के बाद भी नगर निगम प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बावजूद नगर निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा है। धरातल पर न तो निगम का कोई प्रवर्तन दस्ता पहुंचा और न ही अवैध ठेलों व सड़क घेरकर लगाई गई पटरी दुकानों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई।
अफसरों ने साधी चुप्पी, नहीं उठाया फोन
अतिक्रमण पर नगर निगम का पक्ष जानने और आधिकारिक वर्जन लेने के लिए जब जोनल अधिकारी विद्यासागर और जोनल अभियंता आलोक श्रीवास्तव से फोन पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, तो दोनों ही जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। जनता और शहर की व्यवस्था से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फोन न उठाना यह साफ दर्शाता है कि नगर निगम अतिक्रमण हटाने को लेकर कितना लापरवाह और उदासीन बना हुआ है।
महापौर व नगर आयुक्त के आदेशों की हवा, बेखौफ अतिक्रमणकारी
शहर को सुव्यवस्थित और अतिक्रमणमुक्त बनाने के महापौर व नगर आयुक्त के कड़े निर्देश सागर मार्केट और नयागंज इलाके में पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं। मातहत अधिकारियों की लापरवाही और बेरुखी के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। नयागंज मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वारों तक पसरी दुकानें और अवैध कब्जे जस के तस बने हुए हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों, राहगीरों और मेट्रो यात्रियों का निकलना दूभर हो गया है।
कागजी दावों पर जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
नगर निगम के इस ढुलमुल रवैये को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम का 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' केवल कागजों और फाइलों तक ही सीमित है। जब मीडिया के संज्ञान दिलाने और बार-बार फोन करने पर भी निगम के अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी ❓।स्थानीय लोगों ने अब नगर आयुक्त से सीधे दखल देने, लापरवाह जोनल अफसरों की जवाबदेही तय करने और तत्काल विशेष प्रवर्तन दस्ता भेजकर स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई है।
सुरेश राठौर


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