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कानपुर में नकली नोट छापने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

एक असली के बदले तीन नकली नोट': कानपुर पुलिस ने पकड़ा जाली करेंसी छापने वाला सिंडिकेट

BBC CRIME TV 

उत्तरप्रदेश,​कानपुर नगर 

अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच (स्वाट टीम) और थाना रेलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने नकली नोट छापने और खपाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रामलीला मैदान के पास से तीन अभियुक्तों को धर दबोचा। इनके पास से ₹2,04,650 मूल्य के नकली नोट, प्रिंटर, पेपर कटर समेत नोट छापने का सामान बरामद हुआ है।


पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे प्रिंटर की मदद से ₹500, ₹100 और ₹50 के नकली नोट तैयार करते थे। इसके बाद बाजार में 'एक के तीन' (एक असली नोट के बदले तीन नकली नोट) के अनुपात में ग्राहकों को बेचते थे। पकड़े जाने के डर से गिरोह के सदस्य अनजान ग्राहकों को तलाशते थे और माल सौंपकर तुरंत निकल जाते थे; एक ही व्यक्ति या जगह पर वे दोबारा नहीं जाते थे।


अभियुक्तों के पास से बरामद हुआ 

​नकली करेंसी: कुल ₹2,04,650 (₹100 के 1991 नोट, ₹50 के 71 नोट और ₹500 के 4 नोट)

​उपकरण: एक प्रिंटर, एक कैंची, दो पेपर कटर, दो स्केल, स्याही की 5 भरी व 4 खाली बोतलें, एक रिम पेपर और ट्रॉली बैग आदि।

​गिरफ्तार अभियुक्त

​सोमिल गुप्ता (36 वर्ष), निवासी- गडर बिनौरा, थाना उरई, जालौन।

​रोशन अली (24 वर्ष), मूल निवासी- बलरामपुर, वर्तमान पता- मूलगंज चौराहा, कानपुर।

​शेर सिंह (52 वर्ष), मूल निवासी- बांगरमऊ, उन्नाव, वर्तमान पता- संजू पुलिया, चकेरी, कानपुर।

बाइट- अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) संकल्प शर्मा

थाना रेलबाजार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरेश राठौर 

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