NCRP पोर्टल की निगरानी से खुला अंतरराष्ट्रीय स्तर के फ्रॉड का खेल, 300 से अधिक शिकायतें दर्ज
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की तकनीकी निगरानी के जरिए एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। फर्जी फर्में और बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी की रकम को खपाने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में विपिन कुमार और शिव प्रताप शामिल हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए देश भर में करीब 250 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम दिया गया है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के NCRP पोर्टल की नियमित निगरानी के दौरान कुछ संदिग्ध बैंक खातों की पहचान हुई थी। पड़ताल में सामने आया कि इनमें से महज एक खाते में लगभग ₹8 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन हुआ था और उस खाते के खिलाफ विभिन्न राज्यों से 116 शिकायतें दर्ज थीं।
जब मामले की कड़ियां जोड़ी गईं, तो पांच फर्जी फर्मों का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। इन पांच फर्मों से जुड़े बैंक खातों पर देशभर से 322 शिकायतें दर्ज मिलीं। इन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी के करीब ₹250 करोड़ घुमाए गए थे।गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह संगठित तरीके से फर्जी कंपनियों के नाम पर चालू खाते (करंट अकाउंट) खुलवाता था। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और किराए पर परिसर उपलब्ध कराने में कई अन्य मददगार भी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, मामले में राजशेखर और हिमांशु गौतम सहित कई अन्य संदिग्धों की संलिप्तता सामने आई है, जिनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम पैसों के प्रवाह (मनी ट्रेल) की बारीकी से पड़ताल कर रही है, ताकि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं, इसका पता लगाया जा सके।
सुरेश राठौर

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