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कानपुर सेंट्रल में अब परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, सुरक्षा के लिए IG ने खींची 'लक्ष्मण रेखा'

RPF आईजी प्रदीप गुप्ता ने किया कानपुर सेंट्रल का औचक निरीक्षण, सेंट्रल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम चप्पे-चप्पे पर बढ़ी निगरानी

BBC CRIME TV

उत्तरप्रदेश,​कानपुर नगर 

माघ मेले के दौरान उमड़ने वाली आस्था की भीड़ के बीच रेलवे ने सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे भेद पाना नामुमकिन होगा। शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के आईजी (RPF) प्रदीप गुप्ता ने कानपुर सेंट्रल का मोर्चा संभालते हुए सुरक्षा व्यवस्था की ऐसी क्लास ली कि लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ​स्टेशन के चप्पे-चप्पे को खंगालने के बाद आईजी ने सबसे बड़ा प्रहार उन 17 अवैध रास्तों पर किया है, जो सुरक्षा के लिए नासूर बने हुए थे। इन तथाकथित 'चोर रास्तों' को तत्काल वेल्डिंग कराकर या दीवार चुनवाकर बंद किया जाएगा। जिससे असामाजिक तत्वों और बिना टिकट घूमने वालों की एंट्री पर पूरी तरह 'फुल स्टॉप' लगाना है।सीनियर डीएससी को सीधे तौर पर इन छिद्रों को भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


माघ मेले से पहले एक्शन में आर पी एफ IG प्रदीप गुप्ता, कानपुर सेंट्रल की सुरक्षा कमान खुद संभाली

​आईजी प्रदीप गुप्ता ने साफ कर दिया कि मेला अवधि में "सुरक्षा में चूक यानी कड़ी कार्रवाई"। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर किसी भी स्तर पर ढिलाई मिली, तो गाज गिरना तय है। प्लेटफॉर्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक सीसीटीवी और सादे कपड़ों में जवानों की पैनी नजर रहेगी।

यात्रियों की थाली में परोसी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता से खिलवाड़ नहीं होगा। खानपान स्टालों की रैंडम चेकिंग होगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर रिस्पांस टाइम को न्यूनतम करने के लिए 'क्विक रिएक्शन टीम' को एक्टिव मोड पर रखा गया है। प्रवेश और निकास द्वारों पर आधुनिक स्कैनर्स और मेटल डिटेक्टर्स के जरिए हर यात्री की सघन तलाशी ली जाएगी।

​आईजी ने कहा कि माघ मेला श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए आरपीएफ का व्यवहार मददगार लेकिन सुरक्षा के प्रति कठोर रहेगा। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत प्रवेश द्वारों का ही प्रयोग करें।

सुरेश राठौर 



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