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रेलवे पुलिस की बड़ी कार्यवाही,शातिर हिस्ट्रीशीटर ''सिट्टू मामा'' को कोर्ट ने सुनाई कठोर कारावास की सजा

शातिर हिस्ट्रीशीटर 'सिट्टू मामा' को तीन मामलों में कारावास

BBC CRIME TV 

उत्तरप्रदेश ​,कानपुर नगर 

ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय ने अंतर्राज्यीय शातिर लुटेरे और हिस्ट्रीशीटर अपराधी सिट्टू मामा को तीन अलग-अलग मुकदमों में सजा सुनाई गईं है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या 05) ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त को कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।

​पुलिस के अनुसार, अभियुक्त सिट्टू मामा उर्फ अली अकबर पुत्र छम्मन खान, निवासी कलेक्टरगंज, थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल का मजारिया हिस्ट्रीशीटर है। वह ट्रेनों में टिकट लेकर मुसाफिर की तरह सफर करता था और यात्रियों से जान-पहचान बढ़ाकर मौका मिलते ही छिनैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। अभियुक्त के विरुद्ध लूट, चोरी, एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट के करीब 30 मामले दर्ज हैं।

​प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साक्ष्यों के साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया: ​मु0अ0सं0 408/24: (बीएनएस की धाराओं में) 1 वर्ष 6 माह की सजा और ₹1000 जुर्माना। ​मु0अ0सं0 269/24: (चोरी व बरामदगी) 1 वर्ष 3 माह का कठोर कारावास और ₹1000 जुर्माना।

​मु0अ0सं0 230/24: (चोरी व बरामदगी) 1 वर्ष 3 माह का कठोर कारावास और ₹1000 जुर्माना लगाया गया।

​अपराधियों पर नकेल कसने के लिए इस प्रकार की प्रभावी पैरवी और समयबद्ध विवेचना भविष्य में भी जारी रहेगी।

​इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक विनोद कुमार यादव, आशीष कुमार बौद्ध, शिवबाबू यादव, और मुख्य आरक्षी शिव सिंह, हरिपाल व वैश खान की प्रमुख भूमिका रही।


सुरेश राठौर 

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