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नानाराव पार्क में टिकट कर्मचारी की मनमानी पर हंगामा, बुजुर्गों को रोका, चहेतों को दी एंट्री

नानाराव पार्क में कर्मचारी की दबंगई, बुजुर्गों को रोका, चहेतों को 'वीआईपी' एंट्री!

BBC CRIME TV 

उत्तरप्रदेश,​कानपुर नगर 

शहर के ऐतिहासिक नानाराव पार्क में शुक्रवार शाम उस समय अफरा तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई, जब टिकट विंडो पर तैनात कर्मचारी की कथित मनमानी के चलते लोग गेट पर खड़े रहे । नियमित रूप से टहलने आने वाले नागरिकों ने कर्मचारी पर अभद्रता, पक्षपात और झूठे आरोप लगाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है।


​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार शाम टिकट काउंटर पर तैनात कर्मचारी आलोक द्विवेदी ने अचानक टिकट मशीन खराब होने की बात कहकर गेट बंद कर दिया। सिविल लाइन निवासी स्वतंत्र भार्गव, जो शुगर के मरीज हैं और प्रतिदिन स्वास्थ्य लाभ के लिए यहां आते हैं, उन्होंने कर्मचारी से हाथ से रसीद काटने या अन्य विकल्प देने का अनुरोध किया। आरोप है कि कर्मचारी ने उनकी एक न सुनी और उन्हें बाहर ही रोके रखा। इसी बीच, नागरिकों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी कुछ अन्य लोगों को बिना टिकट पिछले दरवाजे या सांठगांठ से अंदर प्रवेश दे रहा था।


भेदभाव होते देख वहां मौजूद मनोज वर्मा, हर्ष, दीपक और जीतेन्द्र गौड़ ने जब कर्मचारी की कार्यशैली पर आपत्ति जताई, तो मामला और बिगड़ गया। लोगों का आरोप है कि कर्मचारी आलोक द्विवेदी ने आम जनता के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब नागरिकों ने शिकायत करने के लिए मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो कर्मचारी ने भी अपना बचाव करने के लिए मोबाइल निकाल लिया और टहलने आए लोगों पर ही मारपीट का झूठा आरोप लगाने की धमकी देने लगा।

​इस घटना के बाद पार्क में आए टहलने वालों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थल पर तैनात कर्मचारियों का व्यवहार संवेदनहीन होता जा रहा है। अधिकारियों की ढिलाई के कारण कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं।

​"यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सार्वजनिक स्थल पर स्वास्थ्य लाभ के लिए आए बुजुर्गों को कर्मचारी की जिद के कारण अपमानित होना पड़ा। प्रशासन को ऐसे उद्दंड कर्मचारियों पर नकेल कसनी चाहिए।" > — पार्क में मौजूद एक आक्रोशित नागरिक


सुरेश राठौर 

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