खबर प्रकाशित होने के बाद भी कुंभकर्णी नींद में जिम्मेदार, न हटा अतिक्रमण और न ही कटे अवैध पार्किंग के चालान
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
सागर मार्केट और नयागंज मेट्रो स्टेशन के आसपास फैले भारी अतिक्रमण और भीषण जाम की समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बावजूद जिम्मेदार महकमों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। खबर के प्रकाशन के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते ने मौके पर पहुंचकर अवैध ठेलों व पटरी दुकानों को हटवाने की जहमत उठाई और न ही कानपुर ट्रैफिक पुलिस ने सड़क घेरकर खड़े आड़े-तिरछे वाहनों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई या चालान अभियान चलाया।
दावों की खुली पोल, अफसरों की निष्क्रियता पर उठे सवाल
शहर को जाममुक्त और व्यवस्थित बनाने के महापौर व नगर आयुक्त के कड़े निर्देशों को मातहत अधिकारी किस कदर नजरअंदाज कर रहे हैं, इसकी जीती-जागती मिसाल सागर मार्केट और नयागंज मेट्रो स्टेशन का इलाका है। प्रशासन की इस बेरुखी और निष्क्रियता के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। सड़क पर बेतरतीब खड़े दोपहिया व चारपहिया वाहन और मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वारों तक पसरी दुकानें आज भी राहगीरों, स्थानीय व्यापारियों और मेट्रो यात्रियों के लिए भारी मुसीबत बनी हुई हैं।
कागजी आदेशों तक सीमित अभियान, धरातल पर शून्य परिणाम
स्थानीय नागरिकों और नियमित मेट्रो यात्रियों में शासन-प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि नगर निगम का 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' केवल फाइलों और बयानों तक सिमट कर रह गया है। व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र होने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है, जिससे सुबह से लेकर देर रात तक यहां वाहन रेंगने को मजबूर हैं।
जनता ने अब उच्चाधिकारियों से सीधे हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए मांग की है कि लापरवाह कर्मियों पर जवाबदेही तय की जाए और नगर निगम व ट्रैफिक पुलिस का संयुक्त अमला धरातल पर उतरकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
सुरेश राठौर


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