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सोनहरिया वन में जारी चार माह का महायज्ञ, 28 अक्टूबर को जुटेंगे देश भर के संत, राजनेता और कलाकार

धर्म प्रचार ही संत का मूल दायित्व: त्रिदंडी स्वामी महाराज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोकशी व जीव हत्या पर पूर्ण रोक लगाने और गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग

BBC CRIME TV 

उत्तरप्रदेश,गाजीपुर

जनपद का ऐतिहासिक सोनहरिया वन इन दिनों धार्मिक आस्था और गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 34 बीघे क्षेत्र में फैले इस प्रसिद्ध वन में एक ओर मंदिर तो दूसरी ओर मजार स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। इसी पावन स्थल पर बक्सर वाले गंगा पुत्र त्रिदंडी स्वामी महाराज के पावन सानिध्य में चार माह चलने वाले विशाल महायज्ञ का आयोजन जारी है।


विगत दो महीनों से चल रहे इस अनुष्ठान में प्रतिदिन त्रिदंडी स्वामी महाराज द्वारा कथा का रसपान कराया जा रहा है, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालु पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए स्वामी जी ने कहा कि धर्म की रक्षा और उसका प्रचार-प्रसार करना ही एक सच्चे संत का परम दायित्व है। साधु का जीवन पूर्णतः धर्म और लोक-कल्याण को समर्पित होता है। उन्होंने बताया कि आगामी 28 अक्टूबर को इस महायज्ञ में देश भर से प्रख्यात संत, राजनेता, गीतकार, फिल्मी हस्तियां और लाखों श्रद्धालु शिरकत करेंगे।

​इस दौरान त्रिदंडी स्वामी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर और एक संत हैं। ऐसे में उन्हें गोमाता के कटने और जीव हत्या पर प्रदेश भर में प्रभावी अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा देश संतों, महापुरुषों और बलिदानियों की भूमि है; अतः गोमाता को अविलंब 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर संवेदनशीलता से विचार कर कड़े कदम उठाने की मांग की।

ब्यूरो चीफ राम प्रवेश राय

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