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स्टेशन से यूनिवर्सिटी तक सुरक्षा चक्र: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता

कड़ी सुरक्षा के बीच कानपुर पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएसजेएमयू के 41वें दीक्षांत समारोह में लेंगी हिस्सा

BBC CRIME TV 

उत्तरप्रदेश,​कानपुर नगर 

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 41वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल कानपुर पहुंच चुकी हैं। राज्यपाल के आगमन को लेकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम देखे गए।राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने मोर्चा संभाला हुआ था। स्टेशन परिसर से लेकर निकास द्वार तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहे। कड़ी सुरक्षा घेरे के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कानपुर सेंट्रल स्टेशन से विश्वविद्यालय परिसर के लिए रवाना हुईं।

​कुलाधिपति के कानपुर आगमन को लेकर सीएसजेएमयू परिसर में भारी उत्साह का माहौल है। विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक द्वारा कुलाधिपति का आत्मीय व भव्य स्वागत किया गया, जो विश्वविद्यालय की समृद्ध आतिथ्य परंपरा और संस्थागत सम्मान को दर्शाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।समारोह को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। देश-विदेश से आने वाले मेहमानों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा के लिए विशेष पंडाल, बैठक व्यवस्था और हेल्पडेस्क बनाए गए हैं। इस बार समारोह का डिजिटल प्रसारण भी किया जा रहा है, ताकि लोग घर बैठे इस गौरवमयी पल के साक्षी बन सकें।

​"यह समारोह केवल उपाधि वितरण का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव होने के साथ-साथ उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।"

प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति

 विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष का दीक्षांत समारोह शिक्षा के बदलते स्वरूप और तकनीकी विकास को समर्पित है। समारोह के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जो अनुसंधान (Research) और नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के बढ़ते कदमों की नई झलक पेश करेगा।


सुरेश राठौर 

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