लापरवाही पर भड़के नगर आयुक्त: 12.42 करोड़ की योजना में 9 महीने बाद भी काम 'शून्य', जलकल-जल निगम को नोटिस
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
विकास कार्यों में शिथिलता और विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को जोन-3 के अंतर्गत सी.एम. ग्रिड रोड और बाबा कुटी स्थित जलकल कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। करीब 9 महीने बीतने के बाद भी ₹12.42 करोड़ की सी.एम.सी.एन.वाई योजना का काम शुरू न होने पर नगर आयुक्त ने जलकल और जल निगम के अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस पूरी वस्तुस्थिति से शासन को भी अवगत कराने को कहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता मो. जैदी, जोनल स्वच्छता अधिकारी-3 आशीष बाजपेई सहित केस्को, जलकल और जल निगम के अधिकारी मौजूद रहे।नगर आयुक्त ने सबसे पहले जोन-1 मार्बल मार्केट से अलंकार गेस्ट हाउस तक सी.एम. ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़क का जायजा लिया। दायीं पटरी पर चल रहे इंटरलॉकिंग फुटपाथ का काम अधूरा मिलने और चैंबरों के लेवल में न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्य अभियंता ने बताया कि जल निगम ने एक तरफ पाइप डालकर कनेक्शन कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ का काम बाकी है। इस पर नगर आयुक्त ने जल निगम, जलकल और केस्को को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि हर हाल में अपना काम खत्म कर इंजीनियरिंग विभाग को हैंडओवर करें, ताकि अगले 10 दिनों में फुटपाथ का काम पूरा किया जा सके।
इसके बाद नगर आयुक्त बाबा कुटी स्थित जलकल कार्यालय परिसर पहुंचे, जहां जोनल कार्यालय-3 और सह-कार्यस्थल का निर्माण होना है। ₹12.42 करोड़ की इस योजना में पाया गया कि 9 महीने बीत जाने के बाद भी न तो जलकल ने लाइन डाली और न ही जल निगम ने काम शुरू किया। केस्को द्वारा बिजली के पोल भी शिफ्ट नहीं किए गए। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि कार्य प्रारंभ न होने की जांच कर जवाबदेही तय करें और 10 दिन में रिपोर्ट सौंपें। प्रभारी अधिकारी (कार्मिक) को इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
जोनल कार्यालय-3 के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने आगामी जनगणना-2027 के तहत चल रही तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रगणकों द्वारा जमा कराए गए नजरी नक्शों को देखा और अब तक हुए कार्यों का मूल्यांकन करते हुए जोनल/चार्ज अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सुरेश राठौर



0 Comments