'रेल मदद' और आरपीएफ की मुस्तैदी से बची बच्चे की जान, कानपुर सेंट्रल पर बरामद बालक दिल्ली पुलिस के सुपुर्द
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट कानपुर सेंट्रल ने ऑपरेशन "नन्हे फरिश्ते" के तहत तत्परता और सतर्कता का परिचय देते हुए ट्रेन से एक 14 वर्षीय नाबालिग बालक को सकुशल बरामद किया है। बालक अपने घर दिल्ली से लापता था, जिसे आवश्यक कागजी कार्रवाई और सत्यापन के बाद दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, रेल मदद पोर्टल पर प्राप्त संदर्भ संख्या (2026072300326) के आधार पर आरपीएफ टीम को गाड़ी संख्या 02564 में एक नाबालिग बच्चे के सवार होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही आरपीएफ के हेड कांस्टेबल ललित नारायण मिश्रा, महिला कांस्टेबल अलका विश्वकर्मा और महिला कांस्टेबल रिंकी देवी की टीम ने ट्रेन के कोच एस-1 (बर्थ नंबर 71) पर पहुंचकर प्राप्त फोटो से मिलान करते हुए बालक को सुरक्षित उतार लिया और आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल लेकर आए।आरपीएफ पोस्ट पर बालक से सौहार्दपूर्ण माहौल में पूछताछ की गई। उसने अपना नाम अंकित (14 वर्ष) पुत्र संदीप वर्मा बताया। जब आरपीएफ टीम ने उसके पिता से दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि अंकित 22 जुलाई 2026 से बिना बताए घर से लापता था और उसकी गुमशुदगी/अपहरण के संबंध में दिल्ली के थाना कंझावला में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी।सूचना मिलने पर 23 जुलाई को दिल्ली के कंझावला थाने से उपनिरीक्षक पावेल एवं हेड कांस्टेबल दिनेश आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल पहुंचे। उन्होंने एफआईआर (मु०अ०सं० 397/2026, धारा 137(2) बीएनएस) की प्रति प्रस्तुत की। प्रस्तुत दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया से पूर्ण संतुष्ट होने के बाद आरपीएफ अधिकारियों ने नाबालिग बालक अंकित (निवासी- मीरा विहार, मदनपुर दबास, रानी खेड़ा, उत्तर-पश्चिम दिल्ली) को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु दिल्ली पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत भटक चुके, भागे हुए या असहाय बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचाने का यह मानवीय कार्य लगातार जारी रहेगा।
सुरेश राठौर

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