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अपहृत नाबालिग बालिका को आरपीएफ कानपुर सेंट्रल ने सकुशल किया रेस्क्यू , गुजरात पुलिस को सौंपा

आरपीएफ की 'मेरी सहेली' टीम बनी मददगार, गुजरात से भटकी नाबालिग को अपनों से मिलाया

BBC CRIME TV 

उत्तरप्रदेश,​कानपुर नगर 

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट कानपुर सेंट्रल ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई दिखाते हुए गुजरात से अपहृत एक 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल रेस्क्यू करने में बड़ी सफलता हासिल की है। बालिका के पास से करीब 4 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद हुई है। आरपीएफ ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बालिका और बरामद सामान को गुजरात पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को आरपीएफ हेल्पलाइन के माध्यम से कानपुर सेंट्रल आरपीएफ को एक नाबालिग लड़की के ट्रेन में होने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ पोस्ट प्रभारी के निर्देश पर दिवस अधिकारी उप निरीक्षक एस.के. कटियार, सहायक उप निरीक्षक हरिशंकर त्रिपाठी और महिला प्रधान आरक्षक वंदना कटियार की टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या 8 पर आई गाड़ी संख्या 19201 के सामान्य कोच की सघन चेकिंग की।

​चेकिंग के दौरान ट्रेन के जनरल कोच में एक नाबालिग बालिका संदिग्ध अवस्था में बैठी मिली। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत अपने संरक्षण में लिया और आरपीएफ पोस्ट लेकर आए। यहाँ आरपीएफ की "मेरी सहेली" टीम की देखरेख में बालिका की काउंसलिंग की गई। पूछताछ में बालिका ने अपनी पहचान( काल्पनिक नाम) गुड़िया (उम्र 13 वर्ष), पुत्री विजय सिंह निषाद, निवासी भावनगर (गुजरात) के रूप में बताई।महिला आरक्षी द्वारा बालिका के पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर आरपीएफ टीम भी हैरान रह गई। बैग से ₹30,000 नगद, पीली धातु के दो मंगलसूत्र, एक चेन, एक नाक की कील और सफेद धातु की एक जोड़ी पायल बरामद हुई। बरामद किए गए इन आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये आंकी गई है। आरपीएफ ने बरामद माल को सुरक्षित जब्त कर तत्काल भावनगर (गुजरात) पुलिस से संपर्क साधा।

​कानपुर आरपीएफ की सूचना पर 9 जुलाई को भावनगर पुलिस के हेड कांस्टेबल करण सिंह मनुभाई और महिला कांस्टेबल रश्मिता बहन जयसुखलाल, बालिका के पिता विजय सिंह निषाद के साथ कानपुर सेंट्रल पोस्ट पहुंचे। गुजरात पुलिस ने भावनगर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 111980062617228/2026 (धारा 137(2) बीएनएस) की प्रति प्रस्तुत की, जिससे पुष्टि हुई कि उक्त बालिका के अपहरण का मामला दर्ज था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।आरपीएफ कानपुर सेंट्रल ने सभी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद नाबालिग बालिका को उसके पिता और गुजरात पुलिस की टीम को सौंप दिया। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह के मामलों में हमेशा त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की जाती है।


सुरेश राठौर 

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