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कानपुर सेंट्रल पर चीख-पुकार: लिफ्ट में कैद हुए 18 यात्री, सांसें अटकीं तो लोगों ने तोड़ा दरवाजा

बीच हवा में अटकी कानपुर स्टेशन की लिफ्ट, दहशत में आए महिला और बच्चे

BBC CRIME TV 
उत्तरप्रदेश,​कानपुर नगर 

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-2 और 3 को जोड़ने वाली लिफ्ट तकनीकी खराबी के कारण बीच में ही अटक गई। लिफ्ट के भीतर क्षमता से अधिक 18 यात्री सवार थे, जो करीब पांच मिनट तक अंदर ही कैद रहे। दम घुटने और घबराहट के कारण यात्रियों ने जब शोर मचाना शुरू किया, तो प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य लोगों ने लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।


​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यात्री प्लेटफॉर्म बदलने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। बटन दबाने के बाद लिफ्ट न तो ऊपर गई और न ही नीचे आई, बल्कि बीच में ही जाम हो गई। अंदर मौजूद महिलाएं और बच्चे घबराकर रोने-चिल्लाने लगे। करीब 5 मिनट तक जब कोई तकनीकी सहायता नहीं मिली, तो बाहर मौजूद यात्रियों ने मोर्चा संभाला और धक्का देकर लिफ्ट का दरवाजा तोड़ दिया।



हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के दौरान स्टेशन प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद यात्रियों में रेलवे की अव्यवस्था को लेकर गहरा रोष देखा गया। हालांकि, बाद में जीआरपी के दो सिपाही मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। राहत मिलने के बाद सभी यात्री बिना किसी लिखित शिकायत के अपनी-अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए रवाना हो गए।


​स्टेशन सुप्रीटेंडेंट अवधेश द्विवेदी ने बताया कि लिफ्ट की मानक क्षमता 15 यात्रियों की है, जबकि उसमें 18 लोग सवार हो गए थे। ओवरलोडिंग के कारण सेफ्टी सेंसर एक्टिव हो गए और लिफ्ट लॉक हो गई। 

​"रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अपराध है। तकनीकी टीम के आने से पहले ही जबरन दरवाजा तोड़ दिया गया, इसलिए ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है।"

सुरेश राठौर 

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