GRP कानपुर सेंट्रल पुलिस की कार्यवाही ; आउटर पर ट्रेनें धीमी होते ही यात्रियों को बनाते थे निशाना, आरोपियों पर दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
जीआरपी ने शनिवार तड़के रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर चोरी व छिनैती करने वाले दो बेहद शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से चोरी के 3 स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है।पुलिस महानिदेशक (रेलवे)प्रकाश डी. और पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे, प्रयागराज) एन. कोलान्ची के निर्देशों पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह की टीम ने इस सफलता को अंजाम दियाहै।
जीआरपी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार (6 जून) तड़के करीब 03:10 बजे पुलिस टीम हैरिसगंज पुल के उस पार रेलवे पटरी के किनारे चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टाटमील चौराहे की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर पीपल के पेड़ के पास दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे भागने लगे, जिन्हें आवश्यक बल प्रयोग कर दबोच लिया गया।पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि वे कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आउटर पर छिपकर बैठते थे। जैसे ही सिग्नल या अन्य कारणों से ट्रेनें धीमी होती थीं, ये खिड़की और दरवाजे के पास बैठे यात्रियों का सामान और मोबाइल छीनकर रफूचक्कर हो जाते थे। जामातलाशी में इनके पास से मोटोरोला, सैमसंग और रीयलमी कंपनी के चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
पकड़े गए अभियुक्तों मे रोहित: पुत्र स्व. धनीराम, निवासी- सेवाग्राम कॉलोनी, दादा नगर कच्ची बस्ती, थाना गोविन्द नगर, कानपुर (उम्र करीब 32 वर्ष)।राजू कुमार: पुत्र सुन्दर लाल, निवासी- ग्राम भन्देमऊ, थाना मंगलपुर, जनपद कानपुर देहात (उम्र करीब 34 वर्ष)पर दर्जनों मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। अभियुक्त रोहित के खिलाफ जीआरपी कानपुर सेंट्रल, जीआरपी गाजियाबाद और थाना गोविन्द नगर में चोरी, एनडीपीएस (मादक पदार्थ) एक्ट सहित कुल 14 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरे अभियुक्त राजू कुमार के खिलाफ जीआरपी गाजियाबाद, जीआरपी अलीगढ़, विजयनगर कमिश्नरेट (गाजियाबाद) और कानपुर सेंट्रल में चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 12 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में नया मामला पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया है।
सुरेश राठौर

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