कानपुर सेंट्रल पर 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत अपहृत मासूम का रेस्क्यू, उन्नाव पुलिस को सौंपा
BBC CRIME TV
उत्तरप्रदेश,कानपुर नगर
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता से एक वारदात का पर्दाफाश हुआ। आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत तत्परता दिखाते हुए बादामऊ पैसेंजर ट्रेन से एक अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल रेस्क्यू किया है। इस मासूम का उन्नाव के अचलगंज इलाके से 3-4 अज्ञात बदमाशों ने मारुति वैन से अपहरण कर लिया था, जिसके चंगुल से भागकर वह स्टेशन पहुंचा था। RPF ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को उन्नाव पुलिस और उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।जानकारी के अनुसार, मंगलवार को प्रयागराज मंडल के कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उप-निरीक्षक (SI) मो० असलम खान और महिला कांस्टेबल प्रियंका मौर्या सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान महिला कांस्टेबल प्रियंका की नजर गाड़ी संख्या 54336 (बादामऊ पैसेंजर) में संदिग्ध और सहमे हुए अवस्था में घूम रहे एक बच्चे पर पड़ी। आरपीएफ टीम ने जब बच्चे को अपने पास बुलाया, तो वह फूट-फूट कर रोने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने उसे दुलार कर शांत कराया और सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट लेकर आए, जहां प्रभारी निरीक्षक एस. एन. पाटीदार को मामले की जानकारी दी गई।
आरपीएफ की पूछताछ में बच्चे ने जो आपबीती सुनाई, उसने सुरक्षाकर्मियों के भी होश उड़ा दिए। बालक ने बताया कि वह अपने गांव बनथर (उन्नाव) में कलम (पेन) खरीदने बाजार गया था। इसी बीच एक मारुति वैन में सवार 3-4 अज्ञात बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया और किडनैप कर भागने लगे। जब बदमाशों की वैन कानपुर सेंट्रल स्टेशन के बाहर सड़क पर रुकी, तो मौका पाकर बच्चा उनके चंगुल से भाग निकला और जान बचाने के लिए स्टेशन परिसर के अंदर खड़ी ट्रेन में जाकर छिप गया।आरपीएफ ने जब बच्चे द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर उसके पिता मुकेश कुमार से संपर्क किया, तो पता चला कि परिवार वाले उसकी तलाश में भटक रहे थे। परिजनों ने बताया कि बच्चे के लापता होने के संबंध में थाना अचलगंज (जनपद उन्नाव) में पहले से ही मु०अ०सं० 0160/2026, धारा 137(2) BNS के तहत अपहरण का मुकदमा दर्ज है।
सूचना मिलते ही अचलगंज थाने के कांस्टेबल विमल कुमार और कांस्टेबल प्रमोद कुमार परिजनों के साथ कानपुर सेंट्रल आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आरपीएफ ने आवश्यक कागजी कार्रवाई और फोटोग्राफी के बाद मासूम को सकुशल उन्नाव पुलिस और रोते-बिलखते परिजनों के हवाले कर दिया।
सुरेश राठौर

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